*कांग्रेसी पिद्दियों के लिए विशेष लेख: सागरिका घोष और नेहरू प्रेम (प्रेम के मायने गलत ना निकाले)*
*कल शाम दफ्तर से आकर चाय की चुस्की ले रहा था, कि अचानक से फ़ोन की घँटी बजी और उधर से आवाज़ आई "मैं वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका सागरिका बोल रही हूँ"। हम भी अचरज़ में पड़ गए इतने बड़े लोग हम जैसे छोटे आदमी को फ़ोन किया !!*
*तो वह बोली मैंने सुना है कि आप भी लिखते हो !! हम भी तपाक से बोल दिए हा मैडम बस छोटा मोटा लिख लेते है !! इतना कहना ही था कि मैडम ने झट से बोला तुम्हे नेहरू के बारे में लिखना चाहिये !!*
*मैंने कहां मैडम हम नेहरूजी के बारे में ज्यादा नही जानते आप थोड़ा सा प्रकाश डालिए।*
*मैडम ने फिर जो तपाक से बोलना शुरू किया - नेहरू ब्रह्मांड रचियता के लिए !!*
*उनकी बातों से ऐसा लग रहा था मानो वे देश पर मरने मारने वाली महिला हो। अपने आप को वो नेहरू भक्त बता रही थी।*
*बता रही थी सन 1857 की बात, जब भारत के आज़ादी का प्रथम संग्राम शुरू हुआ था। मैंने पूछा कि कौन थे वो अग्रिम लोग जिन्होंने बढ़ चढ़ कर इस संग्राम में हिस्सा लिया, तो उसने मंगल पांडेय का नाम लिया, झांसी की रानी जैसी वीरांगना का नाम लिया लेकिन बाद में जो बताया वो सुनकर मैं सन्न रह गया। उनका कहना था कि नेहरू ने आकाशवाणी कर इनलोगों को आदेश दिया था कि समय आ चुका है, भारत के लिए लड़ने का, वो नेहरू ही थे जिसने जिसने राणा प्रताप जैसे साधारण इंसान को देश के लिए लड़ने को कहा, नेहरू इन लोगों के सपने में आते थे और अंग्रेजो से कैसे लड़ा जाए उसके लिए योजना बता कर चले जाते थे।*
*फिर मैं भी जागृत होकर सागरिका जी से नेहरू के बारे में और जानने की इच्छा जताई। धीरे-धीरे मुझे पता चला कि वो नेहरू ही थे जिसने चार वेदों की रचना की, नेहरू पृथ्वी पर आने से पहले सबके सपने में आया करते थे और उनको कुछ अलग करने का मन्त्र देकर चले जाते थे।*
*मैंने और पूछा तो पता चला नेहरू ने ही खुदी राम बोस जैसे इंसान को देश के लिए मर मिटने का मन्त्र दिया और तो और नेहरू ने भगत सिंह को इतना प्रेरित किया कि वो हँसते हुए फांसी पर झूल गए, आखिर हो भी क्यों नहीं, चंद्रशेखर आज़ाद ,बटुकेश्वर दत्त, बाल गंगाधर तिलक सब नेहरू से ही प्रेरित होकर ही देश के लिए न्यौछावर हो गए थे।*
*उन्होंने आगे बताया कि हनुमानजी को, जब वो सीता मैया से मिलकर आ रहे थे, तो नेहरू जी ने ही आईडिया दिया था कि लंका जला दो ताकि भविष्य में लंका हमारे टुकड़ो में पलने के लिए मजबूर हो।*
*जब द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था तो भगवान श्री कृष्ण को नेहरू जी ने "नेहरू थान योजना " के तहत मायावी शक्ति से साड़ी उपलब्ध कराई थी !!*
*थोड़ा और पूछने पर नेहरु-एडविना की कहानी बताने की बात आई और प्लेबॉय मैगज़ीन के उस इंटरव्यू की भी बात आई लेकिन नेहरू की मायावी शक्ति का कमाल देखिए कॉल डिसकनेक्ट हो गया।*
*मैंने भी सोचा छोड़ो एडविना; प्लेबॉय की कहानी, भारत को आज़ाद तो करवा दिए ना नेहरू जी।*
*हम धन्य हुए।*
*जय हो !! नेहरू में तो मायावी शक्ति थी।*
*कल शाम दफ्तर से आकर चाय की चुस्की ले रहा था, कि अचानक से फ़ोन की घँटी बजी और उधर से आवाज़ आई "मैं वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका सागरिका बोल रही हूँ"। हम भी अचरज़ में पड़ गए इतने बड़े लोग हम जैसे छोटे आदमी को फ़ोन किया !!*
*तो वह बोली मैंने सुना है कि आप भी लिखते हो !! हम भी तपाक से बोल दिए हा मैडम बस छोटा मोटा लिख लेते है !! इतना कहना ही था कि मैडम ने झट से बोला तुम्हे नेहरू के बारे में लिखना चाहिये !!*
*मैंने कहां मैडम हम नेहरूजी के बारे में ज्यादा नही जानते आप थोड़ा सा प्रकाश डालिए।*
*मैडम ने फिर जो तपाक से बोलना शुरू किया - नेहरू ब्रह्मांड रचियता के लिए !!*
*उनकी बातों से ऐसा लग रहा था मानो वे देश पर मरने मारने वाली महिला हो। अपने आप को वो नेहरू भक्त बता रही थी।*
*बता रही थी सन 1857 की बात, जब भारत के आज़ादी का प्रथम संग्राम शुरू हुआ था। मैंने पूछा कि कौन थे वो अग्रिम लोग जिन्होंने बढ़ चढ़ कर इस संग्राम में हिस्सा लिया, तो उसने मंगल पांडेय का नाम लिया, झांसी की रानी जैसी वीरांगना का नाम लिया लेकिन बाद में जो बताया वो सुनकर मैं सन्न रह गया। उनका कहना था कि नेहरू ने आकाशवाणी कर इनलोगों को आदेश दिया था कि समय आ चुका है, भारत के लिए लड़ने का, वो नेहरू ही थे जिसने जिसने राणा प्रताप जैसे साधारण इंसान को देश के लिए लड़ने को कहा, नेहरू इन लोगों के सपने में आते थे और अंग्रेजो से कैसे लड़ा जाए उसके लिए योजना बता कर चले जाते थे।*
*फिर मैं भी जागृत होकर सागरिका जी से नेहरू के बारे में और जानने की इच्छा जताई। धीरे-धीरे मुझे पता चला कि वो नेहरू ही थे जिसने चार वेदों की रचना की, नेहरू पृथ्वी पर आने से पहले सबके सपने में आया करते थे और उनको कुछ अलग करने का मन्त्र देकर चले जाते थे।*
*मैंने और पूछा तो पता चला नेहरू ने ही खुदी राम बोस जैसे इंसान को देश के लिए मर मिटने का मन्त्र दिया और तो और नेहरू ने भगत सिंह को इतना प्रेरित किया कि वो हँसते हुए फांसी पर झूल गए, आखिर हो भी क्यों नहीं, चंद्रशेखर आज़ाद ,बटुकेश्वर दत्त, बाल गंगाधर तिलक सब नेहरू से ही प्रेरित होकर ही देश के लिए न्यौछावर हो गए थे।*
*उन्होंने आगे बताया कि हनुमानजी को, जब वो सीता मैया से मिलकर आ रहे थे, तो नेहरू जी ने ही आईडिया दिया था कि लंका जला दो ताकि भविष्य में लंका हमारे टुकड़ो में पलने के लिए मजबूर हो।*
*जब द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था तो भगवान श्री कृष्ण को नेहरू जी ने "नेहरू थान योजना " के तहत मायावी शक्ति से साड़ी उपलब्ध कराई थी !!*
*थोड़ा और पूछने पर नेहरु-एडविना की कहानी बताने की बात आई और प्लेबॉय मैगज़ीन के उस इंटरव्यू की भी बात आई लेकिन नेहरू की मायावी शक्ति का कमाल देखिए कॉल डिसकनेक्ट हो गया।*
*मैंने भी सोचा छोड़ो एडविना; प्लेबॉय की कहानी, भारत को आज़ाद तो करवा दिए ना नेहरू जी।*
*हम धन्य हुए।*
*जय हो !! नेहरू में तो मायावी शक्ति थी।*
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